शुक्रवार, 2 अप्रैल 2010

भोजपुरी सिनेमा के एक्शन में नया आगाज प्रेम नागवंशी

भोजपुरी सिनेमा के एक्शन में नया आगाज 
 प्रेम नागवंशी


अब भोजपुरी फिल्मों का ऐसा दौर शुरू है कि तमाम लोगों लोगों को इस इंडस्ट्रीज से बडी उम्मीद सी बध गयी है और भोजपुरिया दर्शक भी उत्साहित है। भोजपुरी सिनेमा में एक मुकाम हासिल करने के उद्देश्य से अपने अभिनय का लोहा मनवा रहे अभिनेता प्रेम नागवंशी इन दिनों बहुत व्यस्त है। 
प्रेम नागवंशी मुंबई एक सपना लेकर आए और आज दिनों-दिन अभिनय करके अपने मुकाम को छूते नजर आ रहे है। 
बकौल प्रेम नागवंशी 'एक्शन इमेज' मेरे अभिनय का एक हिस्सा है। मैं एक्शन के साथ-साथ अन्य वे सभी भूमिकाएं कर सकता हूँ जो मेरे अनुकूल है। इसका एक बेहतरीन नमूना  आपको मेरी आनेवाली फिल्मों में देखने को मिला है और आनेवाली फिल्मों में मिलेगा।

एक्शन स्टार प्रेम नागवंशी की अब तक प्रदर्शित फिल्मों में 'कहवा के बंधन कहवा जुड जाला' , 'तोहार नईखे कवनो जो तू बेजोड बाडू हो' इत्यादि। वहीं दूसरी तरफ बतौर मुख्य कलाकार प्रेम नागवंशी की आगामी फिल्म है एतना सतईब त हम मरि जाइब'। इस फिल्म की शूटिंग जल्द ही शुरू होनेवाली है। 

संपर्क : प्रेम नागवंशी, 

09833090322
ईमेल : prem.nagvanshi@yahoo.com

दीक्षित दनकौरी के सम्मान में काव्यगोष्ठी



चित्र में बाएँ से डा.वेदप्रकाश (माइक पर), संजीव निगम, मुंबई विश्वविद्यालय हिन्दी विभाग के एशो. प्रोफेसर डा. करुणाशंकर उपाध्याय,
डा.सुधाकर मिश्र, शायर दीक्षित दनकौरी, हस्तीमल हस्ती और अजय चौबे









चित्र में बाएँ से डा.वेदप्रकाश (माइक पर),  मुंबई विश्वविद्यालय हिन्दी विभाग के एशो. प्रोफेसर डा. करुणाशंकर उपाध्याय का सम्मान करते हुए अजय चौबे

रविवार, 31 जनवरी 2010

'क्यों धडकने बढ़ने लगी तुम्हे देखते ही' एल्बम का मुहूर्त



मुंबई को पानी की समस्या के लिए मीठी नदी और तालाब की रक्षा करनी चाहिए












विस्तार =रिपोर्ट


हिंदी के वैश्विक परिदृश्य पर परिसंवाद










Viswa Hindi Diwash in chetna College, Mumbai.

Dr. Vedprakash addressing Pepole.





Viswa Hindi Diwash in chetna College, Mumbai.

Dr. Vedprakash addressing people





















विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर समारोह को संबोधित करते हुए प्राध्यापक सुरेन्द्र जाधव





















हिन्दी राष्ट्रभाषा की गंगा से निकलकर विश्वभाषा का गंगासागर बनने की प्रक्रिया में है - डॉ करुणाशंकर उपाध्याय

विश्व हिंदी दिवस के विशेष अवसर हिंदी के वैश्विक परिदृश्य विषय पर मुंबई के चेतना महाविद्यालय में एक परिसंवाद आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुंबई विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ करुणाशंकर उपाध्याय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि हिंदी राष्ट्रभाषा की गंगा से निकलकर विश्वभाषा का गंगासागर बनने की प्रक्रिया में है । बोलने वालों के आधार पर यह विश्व की दूसरी प्रमुख भाषा बन गई है। नवभारत टाइम के उपसंपादक अनुराग त्रिपाठी ने परिसंवाद की अध्यक्षता की। परिसंवाद में चेतना कॉलेज के सचिव प्रेमानंद रूपवते और प्रिंसिपल डॉ सुर्निश मौजूद थे। प्रस्तावना सुरेन्द्र जाधव ने की । परिसंवाद का सञ्चालन हिंदी विभाग के प्राध्यापक डॉ वेदप्रकाश दुबे ने किया ।



Vishwa Hindi Diwash.pdf

शनिवार, 30 जनवरी 2010

हिंदी का विश्व सन्दर्भ समीक्षा


हिंदी का विश्व सन्दर्भ समीक्षा




Hindi ka vishwa Sandrabh.pdf

हिंदी के वैश्विक परिदृश्य पर परिसंवाद





Viswa Hindi Diwash in chetna College, Mumbai.
Dr. Vedprakash addressing Pepole.


Viswa Hindi Diwash in chetna College, Mumbai.
Dr. Vedprakash addressing people










विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर समारोह को संबोधित करते हुए प्राध्यापक सुरेन्द्र जाधव










हिन्दी राष्ट्रभाषा की गंगा से निकलकर विश्वभाषा का गंगासागर बनने की प्रक्रिया में है - डॉ करुणाशंकर उपाध्याय

विश्व हिंदी दिवस के विशेष अवसर हिंदी के वैश्विक परिदृश्य विषय पर मुंबई के चेतना महाविद्यालय में एक परिसंवाद आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुंबई विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ करुणाशंकर उपाध्याय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि हिंदी राष्ट्रभाषा की गंगा से निकलकर विश्वभाषा का गंगासागर बनने की प्रक्रिया में है । बोलने वालों के आधार पर यह विश्व की दूसरी प्रमुख भाषा बन गई है। नवभारत टाइम के उपसंपादक अनुराग त्रिपाठी ने परिसंवाद की अध्यक्षता की। परिसंवाद में चेतना कॉलेज के सचिव प्रेमानंद रूपवते और प्रिंसिपल डॉ सुर्निश मौजूद थे। प्रस्तावना सुरेन्द्र जाधव ने की । परिसंवाद का सञ्चालन हिंदी विभाग के प्राध्यापक डॉ वेदप्रकाश दुबे ने किया ।

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